Exclusive: रणबीर सिंह ने कही बड़ी बात, “मैंने चुनौती दी थी कि कबीर सिंह हिट नहीं होगी, लेकिन संदीप ने ये कर दिखाया!”
Ranbir Kapoor: अभिनेता रणबीर कपूर का अब तक का सबसे बेहतरीन अभिनय फिल्म ‘संजू’ में माना जाता है। इसके बाद आई उनकी फिल्मों में से ‘शमशेरा’ सुपरफ्लॉप रही, ‘ब्रह्मास्त्र’ हिट रही और ‘तू झूठी मैं मक्कार’ को औसत सफलता मिली। अब वह बिल्कुल एक नए रूप में बड़े परदे पर दिखने वाले हैं अपनी अ
Ranbir Kapoor: अभिनेता रणबीर कपूर का अब तक का सबसे बेहतरीन अभिनय फिल्म ‘संजू’ में माना जाता है। इसके बाद आई उनकी फिल्मों में से ‘शमशेरा’ सुपरफ्लॉप रही, ‘ब्रह्मास्त्र’ हिट रही और ‘तू झूठी मैं मक्कार’ को औसत सफलता मिली। अब वह बिल्कुल एक नए रूप में बड़े परदे पर दिखने वाले हैं अपनी अगली फिल्म ‘एनिमल’ में। रणबीर कपूर से ये सवाल-जवाब इसी फिल्म की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए।
फिल्म ‘एनिमल’ की कहानी जब पहली बार आपने सुनी तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी?
कोई साढ़े तीन साल पहले जब इस फिल्म के लेखक-निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने मुझे ये कहानी सुनाई थी तो मुझे याद है कि कहानी सुनना खत्म करते ही मैं कुछ बोल ही नही पाया। मैं सीधे अपने बाथरूम गया और खुद को शीशे देखते हुए सोचने लगा कि मैं ये कर पाऊंगा कि नहीं। ये एक ऐसा किरदार है जो मैंने पहले कभी सुना नहीं था।
इससे पहले आपने संदीप वांगा रेड्डी की फिल्में देखी थीं?
‘अर्जुन रेड्डी’ मुझे बहुत अच्छी लगी थी। मुझे लगा कि इससे बेहतर लव स्टोरी कोई बन ही नहीं सकती। फिर संदीप ने वही कहानी ‘कबीर सिंह’ में बनाई तो मैंने कहा कि ये फिल्म हिट हो ही नही सकती। ये मेरी चुनौती है। मुझे लगा था कि ‘अर्जुन रेड्डी’ के कलाकारों का जो अभिनय है, जो संगीत है वह दोबारा हो ही नहीं पाएगा। लेकिन, उन्होंने इसे फिर कर दिखाया। ये मेरा सौभाग्य है कि उनके जैसे निर्देशक ने मुझे ये फिल्म ऑफर की।
और, फिल्म में काम करने का अनुभव तो अच्छा ही रहा होगा..
बहुत ही अद्भुत अनुभव रहा। संदीप मेरे हिसाब से ये इतने वास्तविक लेखक और निर्देशक हैं कि इस फिल्म का कोई भी लम्हा, कोई भी दृश्य ऐसा नहीं है जो पहले मैंने कहीं भी, कभी भी महसूस किया हो।.हम सब शूटिंग के दौरान बातें भी करते थे कि ये सब जरूर संदीप के निजी जीवन में हुआ होगा, नहीं तो इतना सब इनके पास आता कहां से है। हम जैसे कलाकार मरते हैं कि ऐसी फिल्म में काम करें, ऐसे निर्देशक के साथ काम करें।
बार बार ये कहा जा रहा है कि फिल्म ‘एनिमल’ में आपका किरदार बहुत डार्क है..
मेरे हिसाब से डार्कनेस शब्द का इस्तेमाल बहुत ही गलत तरीके होता रहा है। लेकिन हां, इतना जटिल किरदार मैंने पहले कभी नहीं किया। लोग मुझे एक खास तरह के किरदारों में देखते रहे हैं। एक रोमांटिक, बॉय नेक्स्ट डोर वाले किरदारों में। मुझे नहीं पता कि मुझमें ऐसा क्या दिखा कि मुझे ये किरदार करने का प्रस्ताव मिला जिसमें इतने सारे रंग हैं। एक एहसासों का आभामंडल है। एक अलग तरह की परेशानियां हैं। ऐसे किरदार को कैमरे के सामने निभाना बहुत ही रोमांचक होता है।
और, यही वह समय था जब आप पिता बने?
हां, और इसीलिए मेरा मानना रहा है कि एक कलाकार के लिए अपना स्विच ऑन, स्विच ऑफ बटन तलाशना बहुत जरूरी है। जैसा कि आपने फिल्म ‘एनिमल’ के ट्रेलर में देखा होगा, वैसी हरकतें अगर मैं घर जाकर करता तो शर्तिया मेरी बीवी (आलिया भट्ट) मुझे मारती। मैं सेट पर ये सब कर रहा होता था और फिर घर जाकर अपनी बेटी के पास वक्त गुजारता था। यह बहुत ही स्वप्निल एहसास होता था।
तो फिल्म ‘एनिमल’ क्या है और कुछ बताना चाहेंगे अपने किरदार के बारे में
एक लाइन में कहूं तो फिल्म ‘एनिमल’ मूल रूप से वयस्कों के लिए प्रमाणन पाने वाली ‘कभी खुशी कभी गम’ है। मेरा जो किरदार फिल्म में है, वह आप ट्रेलर में देख ही सकते हैं। हम थोड़ा सा रहस्य इस किरदार के बारे में फिल्म की रिलीज तक बनाए रखना चाहते हैं क्योंकि अब ज्यादा समय भी नहीं है। अगर मुझे फिल्म की कहानी एक लाइन में कहनी हो तो ये एक ऐसे इंसान की कहानी है जो अपने परिवार की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
अपने काम और अपने निजी जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए क्या करते हैं?
मैं एक निर्लिप्त किस्म का इंसान हूं। मुझे अपने काम और अपने निजी जीवन के बीच का फर्क पता है। मैं अपना काम अपने घर पर लेकर नहीं जाता हूं। एक अभिनेता को अपने भीतर के कलाकार को शूटिंग के समय जगाना आना चाहिए। आपके भीतर ये योग्यता होनी चाहिए। हम सब पेशेवर लोग हैं और हमारे भीतर ये हुनर होने ही चाहिए और इन्हीं हुनर के सहारे हमें जीना चाहिए।
और, अपने को स्टार बॉबी देओल के बारे में क्या कहना चाहेंगे?
जब फिल्म ‘बरसात’ रिलीज हुई तो बॉबी (देओल) सर का जो स्टाइल था, ब्लू कलर के चश्मे, व्हाइट शर्ट, डीजल जीन्स, सब मैं कॉपी करता था। मैं उनको परदे पर देखते हुआ बड़ा हुआ हूं। मैं कह सकता हूं कि हम दोनों में बहुत कुछ एक जैसा है। हमने लंदन में शून्य से दो-तीन डिग्री सेल्सियस कम तापमान में करीब 12-15 दिनों की शूटिंग की। कुछ दृश्य हमारे बिना शर्ट के भी हैं। लेकिन, हम लोगों के बीच इतनी गर्मजोशी थी कि हमें ठंड ही नहीं लगी। ये एक ऐसा रिश्ता है जिसे मैं पूरी जिंदगी याद रखना चाहूंगा, सहेज कर रखना चाहूंगा।