दिशा सालियान मामले में सूरज पंचोली ने जारी किया 6 पन्नों का बयान, आरोपों पर सफाई देते हुए रखी अपनी बात
दिशा सालियान केस को लेकर सूरज पंचोली ने 6 पन्नों का बयान जारी कर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अगर कानून उन्हें दोषी ठहराता है तो वह सजा भुगतने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने मामले से जुड़े आरोपों और अपने खिलाफ उठाए जा रहे सवालों पर भी सफाई दी है।
दिशा सालियान मामले में सूरज पंचोली ने जारी किया 6 पन्नों का बयान, आरोपों पर सफाई देते हुए रखी अपनी बात
दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले की जांच फिर चर्चा में है और इसी बीच अभिनेता सूरज पंचोली ने सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी कर अपने ऊपर हो रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका यह बयान छह स्लाइड्स में सामने आया, जिसमें उन्होंने मामले से अपने कथित जुड़ाव को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है।
‘मैं कभी दिशा सालियान से नहीं मिला’
सूरज ने अपने बयान में कहा कि वह अपनी जिंदगी में कभी दिशा सालियान से नहीं मिले। उन्होंने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे से भी मुलाकात से इनकार किया। अभिनेता के मुताबिक, पिछले कई वर्षों से उनका नाम इस मामले की चर्चाओं में आता रहा है, जबकि वह लगातार किसी भी संबंध से इनकार करते रहे हैं।
जांच में सहयोग की बात
अभिनेता ने कहा कि अगर जांच एजेंसियों को उनसे किसी भी तरह की जानकारी चाहिए तो वह सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच का सामना करने से पीछे नहीं हटेंगे। अपने बयान में उन्होंने यह बात रखी कि अगर जांच में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने आता है, तो कानून के मुताबिक जो फैसला होगा, उसे स्वीकार करेंगे। यह सूरज का अपना बयान है, जांच का निष्कर्ष नहीं।
ऑनलाइन ट्रोलिंग और धमकियों का जिक्र
सूरज ने यह भी दावा किया कि मामले से उनका नाम जुड़ने के बाद उन्हें ऑनलाइन गालियों और जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि लगातार ऐसी चर्चाओं का असर उनकी निजी जिंदगी और करियर पर पड़ा है।
CBI जांच के बीच सामने आया बयान
यह बयान ऐसे समय आया है जब दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में CBI की जांच को लेकर खबरें सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, CBI ने सितंबर 2026 में FIR दर्ज की है। हालांकि, रिपोर्टों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि FIR में किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित नहीं किया गया है और जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री मिलने पर ही आगे की कार्रवाई का सवाल उठेगा।
सूरज ने अपने बयान में यह भी अपील की कि मामले की जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर हो और अगर जांच में उनका कोई संबंध नहीं पाया जाता है, तो उसे भी स्पष्ट रूप से सार्वजनिक किया जाए।