6,6,6,6,4,4,4,4…. रणजी में 548 मिनट तक क्रीज पर टिक गए चेतेश्वर पुजारा, 427 गेंदों का सामना करते हुए जड़े इतने रन
चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) अपनी धीमी और टिकाऊ बल्लेबजी के लिए जाने जाते है। वो क्रीज़ पर समय बिताना पसंद करते थे। उनका डिफेन्स इतना सॉलिड था कि उसको भेद पाना बहुत मुश्किल था जिसकी वजह से उनको भारत की नयी ‘द वॉल’ कहा जाता था। India Cricket Team: उन्होंने अपनी डिफेन्स और क्
चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) अपनी धीमी और टिकाऊ बल्लेबजी के लिए जाने जाते है। वो क्रीज़ पर समय बिताना पसंद करते थे। उनका डिफेन्स इतना सॉलिड था कि उसको भेद पाना बहुत मुश्किल था जिसकी वजह से उनको भारत की नयी ‘द वॉल’ कहा जाता था।
India Cricket Team: उन्होंने अपनी डिफेन्स और क्रीज़ पर टिकने की काबिलियत से ही टीम इंडिया को कई मैच न सिर्फ जिताये है बल्कि अहम मैच ड्रा कराने में मदद की है।
Cheteshwar Pujara की सॉलिड बल्लेबाजी
ऑस्ट्रेलिया में उनकी सिडनी और गाबा की पारी को शायद ही कोई भूल सकता हो। उनकी पारी की वजह से ही इंडिया उन मैचों में ड्रा करा पाया था जबकि गाबा टेस्ट मैच में तो इंडिया को जीत मिली थी। उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लम्बे समय तक बल्लेबाजी करके अपनी टीम को मैच जिताने में मदद की है। इस आर्टिकल में हम पुजारा की ऐसी ही पारी के बारे में जानेंगे जिसमें पुजारा ने 548 मिनट तक क्रीज़ पर बल्लेबाजी की थी और 427 गेंदों का सामना किया था।
दरअसल ये मैच सौराष्ट्र और कर्नाटक के बीच 2013 में राजकोट में खेला गया था। इस मैच में सौराष्ट्र ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की थी। सौराष्ट ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 469 रन बनाये थे। जिसमें सौराष्ट्र की तरफ से सबसे ज्यादा रन अर्पित वसावडा और शेल्डन जैक्सन ने बनाये थे। अर्पित ने शतक तो वहीँ जैक्सन ने अर्धशतक जमाया था। कर्नाटक की तरफ से कृष्णप्पा गौथम ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए थे।
मनीष की अविश्वसनीय पारी
सौराष्ट्र के पहाड़ के लक्ष्य के मुकाबले कर्नाटक के ओपनिंग बल्लेबाजों के एल राहुल और रोबिन उथप्पा ने पहले विकेट के लिए अच्छी साझेदारी की। लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद मनीष पांडेय ने अन्य बल्लेबाजों के साथ मिलकर स्कोर को सौराष्ट्र के पहली इनिंग के स्कोर के पास तक ले जाने की कोशिश की।
मनीष ने इस मैच में 177 रनों की पारी खेली। जिसकी वजह से कर्नाटक की टीम 396 रन बनाने में सफल हुई। सौराष्ट्र की तरफ से धर्मेंद्र सिंह जडेजा,विशाल जोशी और कमलेश ने तीन तीन विकेट लिए।
सौराष्ट्र ने अपनी दूसरी पारी में अच्छी शुरुआत नहीं की। लेकिन उसके बाद पुजारा एक छोर पर जम गए और उन्होंने जैक्सन के साथ मिलकर 343 रनों की साझेदारी की। पुजारा यहीं नहीं रुके और उन्होंने इस पारी में तिहरा शतक जड़ दिया और 548 मिनटों तक बल्लेबाजी की। उन्होंने अपनी पारी में 352 रन बनाये जिसमें 49 चौके और 1 छक्का शामिल था। सौराष्ट्र ने दूसरी पारी में 9 विकेट के नुकसान पर 718 रन बनाये।
ऐसा रहा यही Cheteshwar Pujara का करियर
वहीँ अगर पुजारा के करियर की बात करें तो पुजारा ने 103 टेस्ट मैचों की 176 परियों में 43.60 की औसत से 7195 रन बनाये है। इस दौरान उन्होंने 19 शतक और 35 अर्धशतक लगाए थे.