अपने दिवंगत दोस्त को यादकर भावुक हुए असीम रियाज, सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो
बिग बाॅस का 13वां सीजन सबसे प्रसिद्ध सीजन माना जाता है। इस सीजन में कई जानी-मानी हस्तियों घर में गई थी। इस सीजन में सिध्दार्थ शुक्ला ने खिताब जीता था। लेकिन उनसे ज्यादा ज्यादा चर्चा असीम रियाज की हुई थी। असीम रियाज को दर्शकों से खूब प्यार मिला था। वें अक्सर अपने दिवंगत दोस्त सिध्
बिग बाॅस का 13वां सीजन सबसे प्रसिद्ध सीजन माना जाता है। इस सीजन में कई जानी-मानी हस्तियों घर में गई थी। इस सीजन में सिध्दार्थ शुक्ला ने खिताब जीता था। लेकिन उनसे ज्यादा ज्यादा चर्चा असीम रियाज की हुई थी। असीम रियाज को दर्शकों से खूब प्यार मिला था। वें अक्सर अपने दिवंगत दोस्त सिध्दार्थ शुक्ला को लेकर वीडियो शेयर करते थे और जिसके कारण वें बीते दिनों एक बार फिर सुर्खियों में थे। आईये जानते है इस किस्से के बारे में।
सिध्दार्थ शुक्ला को यादकर भावुक हुए असीम
रैपर आसिम रियाज ने दर्शकों से बात करते हुए एक बेबाक और बड़ा बयान दिया। आसिम रियाज ने कहा, ‘ऐसा कोई नहीं है जो मेरी जगह ले सके या सिद्धार्थ शुक्ला की जगह ले सके’। बता दें कि बिग बॉस 13 को सबसे पॉपुलर सीजन के रूप में जाना जाता है। इस शो के दौरान असीम रियाज और सिद्धार्थ शुक्ला के बीच की दोस्ती शो देखने को मिली थी।
हालांकि बिग बॉस के घर में रहते हुए ये दोस्त से दुश्मन भी बने लेकिन फैंस बेस पूरे सीजन के दौरान दोनों को सपोर्ट करते रहे।बता दें कि कुछ महीने पहले, रियाज ने बिग बॉस के घर में अपने दिनों को याद करते हुए एक वीडियो अपलोड किया था। वीडियो में उनके और सिद्धार्थ के प्यारे पलों को संजोए गया था। फिलिंग्स को एक्सप्रेस करने के लिए असीम ने फिल्म सोनू के टीटू की स्वीटी से अरिजीत सिंह का इमोशनल सॉन्ग तेरा यार हूं मैं बैकग्राउंड में लगाया था।
दोनों की दोस्ती काफी गहरी थी
बिग बॉस सीजन 13 के कारण सिद्धार्थ और आसिम रियाज अक्सर सुर्खियों में रहते थे। दोनों के बीच की दोस्ती और खट्टी मीठी नोकझोंक अक्सर चर्चा का विषय होती थी। शो के दौरान दोनों के काफी लड़ाई-झगड़े देखने को मिले थे। हालांकि, शो खत्म होने के बाद दोनों की दोस्ती काफी गहरी हो गई थी।
घर में बिताए हुए वक्त को याद करते हुए आसिम ने कहा कि मैंने उस घर में सिद्धार्थ के साथ 140 दिन बिताए। मैं वाकई उससे जुड़ा हुआ था, क्योंकि बाहर मेरा कोई दोस्त नहीं था। वहीं, जिस तरह का कनेक्शन उसके साथ था, वैसा किसी के साथ नहीं हुआ था। मतलब लड़ना तो चार-चार दिन और हंसना तो चार चार दिन।