आशुतोष गोवरीकर ने एक्टर के तौर पर की थी फिल्मी करियर की शुरुआत, कुछ समय में ही बदली जिंदगी
बाॅलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में बहुत कम ऐसे डायरेक्टर है, जो इतिहास के विषय पर फिल्में बनाते हैं। इनमें सबसे ऊपर आशुतोष गोवरीकर का नाम आता है। जो अक्सर इतिहास से जुड़ी फिल्में बनाते हैं और यह फिल्म सुपरहिट भी साबित होती है। लेकिन आशुतोष का बाॅलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में सफर आसान नहीं
बाॅलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में बहुत कम ऐसे डायरेक्टर है, जो इतिहास के विषय पर फिल्में बनाते हैं। इनमें सबसे ऊपर आशुतोष गोवरीकर का नाम आता है। जो अक्सर इतिहास से जुड़ी फिल्में बनाते हैं और यह फिल्म सुपरहिट भी साबित होती है। लेकिन आशुतोष का बाॅलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में सफर आसान नहीं रहा है। उन्होंने काफी संघर्ष करके इंडस्ट्री में जगह बनाई है। आईये जानते है उनके इस सफर के बारे में।
एक्टर के तौर पर की शुरुआत
आशुतोष ने केतन मेहता की फिल्म ‘होली’ से साल 1984 में बतौर एक्टर डेब्यू किया। इस फिल्म में आमिर खान थे। ये उनके करियर की पहली बॉलीवुड फिल्म थी। फिर महेश भट्ट की फिल्म ‘नाम’ में आशुतोष ने एक टैक्सी ड्राइवर का रोल निभाया था। ‘सलीम लंगड़े पर मत रो’, ‘चमत्कार’, ‘गूंज’ में काम किया। इसके अलावा डेविड राठौर की फिल्म ‘वेस्ट इस वेस्ट’ काम किया।
इसके अलावा आशुतोष शाहरुख खान के साथ ‘कभी हां कभी ना’ में काम कर चुके हैं। कुंदन शाह के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आशुतोष ने शाहरुख खान के दोस्त का रोल निभाया था। इसके अलावा अमिताभ बच्चन-जया बच्चन स्टारर ‘इंद्रजीत’ और प्रियंका चोपड़ा की फिल्म वेंटिलेटर में भी काम किया। इतना ही नहीं ‘आशुतोष सीआईडी’, ‘सर्कस’, ‘कच्ची धूप’ जैसी कई टीवी सीरियल्स का भी हिस्सा रहे हैं।
पहला नशा थी पहली फिल्म
डायरेक्टर आशुतोष ने साल 1993 में फिल्म ‘पहला नशा’ बनाई थी। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धाराशाई हो गई थी। इसके बाद ‘बाजी’ बनाई लेकिन ‘लगान’ फिल्म बनाने के बाद देश ही नहीं दुनिया भर में छा गए। सच्ची कहानियों से खास लगाव रखने वाले आशुतोष की लंबे समय से कोई फिल्म नहीं आई है। आशुतोष को भी एक अदद हिट फिल्म का इंतजार है।