मुकेश खन्ना ने रणवीर सिंह को ‘शक्तिमान’ बनाने से क्यों किया था इनकार? अब खुद सुनाया पूरा किस्सा
मुकेश खन्ना ने खुलासा किया कि रणवीर सिंह को ‘शक्तिमान’ के किरदार में देखने पर उन्होंने आपत्ति क्यों जताई थी। एक्टर ने अब उस पूरे विवाद और अपने फैसले के पीछे की वजह का खुलासा किया है।
90 के दशक के बच्चों के सबसे पसंदीदा सुपरहीरो ‘शक्तिमान’ की जब बड़े पर्दे पर वापसी की खबर सामने आई, तो सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि आखिर इस आइकॉनिक किरदार को कौन निभाएगा। लंबे समय तक रणवीर सिंह का नाम इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाता रहा। हालांकि, ‘शक्तिमान’ का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले मुकेश खन्ना लगातार इस कास्टिंग पर सवाल उठाते रहे हैं। अब उन्होंने एक बार फिर खुलकर बताया है कि आखिर उन्होंने रणवीर को इस रोल के लिए क्यों मना किया था।
रणवीर ने करीब तीन घंटे तक मनाया था
मुकेश खन्ना के मुताबिक, रणवीर सिंह इस किरदार को लेकर बेहद उत्साहित थे और उन्हें मनाने के लिए करीब तीन घंटे तक बातचीत करते रहे। खन्ना ने रणवीर की एनर्जी की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने बताया कि रणवीर बातचीत के दौरान जमीन पर बैठ गए थे और लगातार बेहद जोश के साथ अपनी बात समझा रहे थे। उनकी एनर्जी ने खन्ना को दिवंगत अभिनेता देव आनंद की याद दिला दी।
इसके बावजूद मुकेश खन्ना को रणवीर में वह चीज नजर नहीं आई, जिसे वह ‘शक्तिमान’ के लिए सबसे जरूरी मानते हैं—सही चेहरा और सही इमेज।
‘रणवीर खराब एक्टर नहीं हैं, लेकिन...’
मुकेश खन्ना ने साफ किया कि उनका विरोध रणवीर की एक्टिंग क्षमता को लेकर नहीं है। उनका मानना है कि रणवीर एक शानदार अभिनेता हैं और उन्होंने ‘गली बॉय’, ‘पद्मावत’ में खिलजी और दूसरी फिल्मों में अपनी प्रतिभा साबित की है। लेकिन उनके अनुसार ‘शक्तिमान’ कोई सामान्य फिल्मी किरदार नहीं है।
खन्ना का कहना है कि शक्तिमान की छवि बेहद सकारात्मक, मासूम और भरोसा पैदा करने वाली होनी चाहिए। वहीं उन्हें रणवीर का चेहरा ज्यादा शरारती और चालाक नजर आता है। इसलिए वह उन्हें इस सुपरहीरो के रूप में कल्पना नहीं कर पाए।
रणवीर के लिए किलविश का रोल बेहतर मानते हैं खन्ना
दिलचस्प बात यह है कि मुकेश खन्ना रणवीर सिंह को पूरी तरह ‘शक्तिमान’ यूनिवर्स से बाहर नहीं करना चाहते। उनका मानना है कि रणवीर तमराज किलविश जैसे विलेन के किरदार में शानदार लग सकते हैं। ‘पद्मावत’ में अलाउद्दीन खिलजी की उनकी परफॉर्मेंस को देखते हुए खन्ना को लगता है कि रणवीर इस तरह के नकारात्मक किरदार को प्रभावी ढंग से निभा सकते हैं।
करोड़ों का चेक भी ठुकरा दिया
मुकेश खन्ना का सबसे बड़ा खुलासा यह है कि उन्होंने इस मामले में सिर्फ अपनी राय ही नहीं रखी, बल्कि कथित तौर पर करोड़ों रुपये के भुगतान को भी रोक दिया। उन्होंने माना कि व्यावसायिक नजरिए से उनका यह फैसला ‘बेवकूफी’ जैसा लग सकता है, लेकिन उनके लिए पैसे से ज्यादा ‘शक्तिमान’ के मूल स्वरूप और अपने सिद्धांत मायने रखते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके ऑफिस में कुछ लोगों ने उन्हें सलाह दी थी कि पैसे ले लें और बाद में मामले को संभाल लेंगे। लेकिन खन्ना ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उनका डर था कि अगर फिल्म में उनकी सोच के विपरीत बदलाव किए गए तो वह उस फैसले के लिए खुद को जिम्मेदार महसूस करेंगे।
‘शक्तिमान को डिस्को में नाचते नहीं देख सकता’
मुकेश खन्ना की सबसे बड़ी चिंता यही है कि आधुनिक फिल्म बनाने के नाम पर ‘शक्तिमान’ की मूल पहचान न बदल दी जाए। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं फिल्म में किरदार को इस तरह मॉडर्न न कर दिया जाए कि वह अपनी असली छवि से ही दूर हो जाए। इससे पहले भी वह कह चुके हैं कि वह अपने किरदार को ऐसी फिल्म में नहीं देखना चाहते, जहां ‘शक्तिमान’ की मूल भावना के साथ समझौता हो।
दरअसल, ‘शक्तिमान’ सिर्फ एक सुपरहीरो नहीं, बल्कि बच्चों के बीच सच्चाई, अच्छाई और नैतिकता का प्रतीक रहा है। यही वजह है कि मुकेश खन्ना आज भी इस किरदार की विरासत को लेकर बेहद सतर्क नजर आते हैं।
रणवीर और ‘शक्तिमान’ की कहानी अभी भी अधूरी
‘शक्तिमान’ फिल्म का ऐलान 2022 में हुआ था और इसके बाद से रणवीर सिंह का नाम लगातार इस प्रोजेक्ट से जुड़ता रहा। हालांकि, कास्टिंग और प्रोजेक्ट को लेकर समय-समय पर कई तरह की खबरें सामने आती रही हैं।
ऐसे में मुकेश खन्ना का ताजा बयान इस पुराने विवाद को फिर सुर्खियों में ले आया है। एक तरफ वह रणवीर की प्रतिभा और ऊर्जा की तारीफ करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें ‘शक्तिमान’ के लिए उपयुक्त नहीं मानते। यानी मामला रणवीर की एक्टिंग का नहीं, बल्कि उस चेहरे और व्यक्तित्व का है जिसे मुकेश खन्ना ‘शक्तिमान’ की पहचान मानते हैं।