'हमारे बच्चों का कोई धर्म नहीं', कबीर खान संग अंतरधार्मिक विवाह पर बोलीं मिनी माथुर- हमें धार्मिकता पसंद नहीं

मिनी माथुर ने कबीर खान संग अपनी अंतरधार्मिक शादी और बच्चों की परवरिश को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों का कोई धर्म नहीं है और वे खुद भी धार्मिकता को पसंद नहीं करतीं। मिनी ने बताया कि परिवार में अलग-अलग मान्यताओं का सम्मान करते हुए बच्चों को अपनी पहचान खुद तय करने की आजादी दी गई है।

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मिनी माथुर और फिल्ममेकर कबीर खान की शादी हमेशा से ही चर्चा में रही है। दोनों ने अंतरधार्मिक विवाह किया है और अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि से आने के बावजूद अपने रिश्ते को मजबूती से निभाया है। अब मिनी माथुर ने अपनी शादी, बच्चों की परवरिश और धर्म को लेकर अपनी सोच के बारे में खुलकर बात की है। उनका बयान एक बार फिर सुर्खियों में है।

‘हमारे बच्चों का कोई धर्म नहीं’

मिनी माथुर ने साफ शब्दों में कहा कि उनके बच्चों का कोई धर्म नहीं है। उनका मानना है कि बच्चों पर किसी एक धार्मिक पहचान को थोपने के बजाय उन्हें अपनी समझ और पसंद के आधार पर जीवन को देखने की आजादी मिलनी चाहिए। मिनी ने बताया कि उनके और कबीर खान के घर में धर्म को लेकर किसी तरह की कट्टरता नहीं है। दोनों की सोच इस मामले में काफी उदार है और वे अपने बच्चों को भी इसी तरह का माहौल देना चाहते हैं।

‘हमें धार्मिकता पसंद नहीं’

अंतरधार्मिक विवाह को लेकर बात करते हुए मिनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें और कबीर को धार्मिकता पसंद नहीं है। उनके लिए इंसानियत, आपसी सम्मान और परिवार की खुशियां ज्यादा मायने रखती हैं। यही वजह है कि दोनों ने अपने रिश्ते में धर्म को कभी बाधा नहीं बनने दिया। मिनी की यह सोच आज के दौर में खास तौर पर चर्चा का विषय बन रही है, जहां अंतरधार्मिक रिश्तों को लेकर अक्सर बहस देखने को मिलती है। उनका मानना है कि बच्चों को अलग-अलग विचारों और संस्कृतियों को समझने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे खुद अपनी सोच विकसित कर सकें।

लंबे समय से साथ हैं मिनी और कबीर

मिनी माथुर और कबीर खान की जोड़ी बॉलीवुड की चर्चित जोड़ियों में शामिल है। दोनों ने शादी के बाद भी अपने-अपने करियर में सक्रिय रहते हुए परिवार और प्रोफेशनल जिंदगी के बीच संतुलन बनाए रखा है। कबीर खान बतौर निर्देशक ‘एक था टाइगर’, ‘बजरंगी भाईजान’ और ‘83’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, वहीं मिनी माथुर लंबे समय से टेलीविजन और मनोरंजन जगत का हिस्सा रही हैं।

मिनी का ताजा बयान सिर्फ उनकी निजी जिंदगी की झलक नहीं देता, बल्कि यह भी बताता है कि वह अपने बच्चों की परवरिश को लेकर कितनी स्पष्ट सोच रखती हैं। उनका संदेश यही है कि पहचान किसी एक धर्म तक सीमित नहीं होनी चाहिए और बच्चों को अपनी राह चुनने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।

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